राष्ट्रीय सीपीआर जागरूकता अभियान

हर एक सेकंड कीमती है। CPR सीखें। जीवन बचाएं।

भारत में हर साल 10 लाख+ लोग कार्डियक अरेस्ट से अपनी जान गंवाते हैं। आपके दो हाथ एम्बुलेंस आने तक किसी की जान बचा सकते हैं।

10 लाख+वार्षिक कार्डियक अरेस्ट मौतें
108 / 112इमरजेंसी हेल्पलाइन
4 मिनटगोल्डन पीरियड
Mission Dhadkan Live CPR Training Demonstration
Mission Dhadkan Live DriveHands-Only Bystander CPR Demonstration
राष्ट्रीय जीवनरक्षक अभियान • भारत में हर साल कार्डियक अरेस्ट से 10 लाख+ मौतें • 2 मिनट में सीखें Hands-Only CPR • हर नागरिक बन सकता है लाइफसेवर •राष्ट्रीय जीवनरक्षक अभियान • भारत में हर साल कार्डियक अरेस्ट से 10 लाख+ मौतें • 2 मिनट में सीखें Hands-Only CPR • हर नागरिक बन सकता है लाइफसेवर •राष्ट्रीय जीवनरक्षक अभियान • भारत में हर साल कार्डियक अरेस्ट से 10 लाख+ मौतें • 2 मिनट में सीखें Hands-Only CPR • हर नागरिक बन सकता है लाइफसेवर •
गोल्डन 4 मिनट की टाइमलाइन

कार्डियक अरेस्ट में हर सेकंड क्यों जीवन और मृत्यु का अंतर है?

दिल रुकने पर मस्तिष्क तक ऑक्सीजन पहुंचना बंद हो जाता है। 4 मिनट के बाद ब्रेन सेल्स स्थायी रूप से नष्ट होने लगते हैं।

01

0 मिनट: दिल रुकना

व्यक्ति बेहोश हो जाता है, सामान्य सांस बंद हो जाती है।

02

4 मिनट: ब्रेन डैमेज शुरू

हैंड्स-ओनली CPR रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह बनाए रखता है।

03

8-10 मिनट: अपरिवर्तनीय क्षति

बिना सीपीआर के बचने की संभावना प्रति मिनट 10% घट जाती है।

यह आंदोलन क्यों

भारत के इस मौन संकट का तुरंत समाधान जरूरी है

कार्डियक अरेस्ट किसी को भी, कहीं भी आ सकता है। एम्बुलेंस आने में समय लगता है, लेकिन दिमाग की कोशिकाएं 4 मिनट में मरने लगती हैं। आप ही पहली उम्मीद हैं।

70%+

अस्पताल से बाहर कार्डियक अरेस्ट घर या सार्वजनिक स्थानों पर होते हैं, जहाँ तुरंत डॉक्टर मौजूद नहीं होते।

< 2%

भारत में केवल 2% से कम लोग CPR देना जानते हैं, जबकि विकसित देशों में यह 40% से अधिक है।

3 गुना मौका

तुरंत CPR मिलने से मरीज के बचने की संभावना 2 से 3 गुना बढ़ जाती है।

140+ करोड़

हर परिवार का कम से कम एक सदस्य CPR सीखे तो करोड़ों जिंदगियां सुरक्षित हो सकती हैं।

CPR सिर्फ मेडिकल प्रक्रिया नहीं—यह एक नागरिक का कर्तव्य है।

जान बचाने के लिए डॉक्टर की डिग्री नहीं, सिर्फ आपके हाथ और 2 मिनट की जानकारी चाहिए।

आंदोलन से जुड़ें
राष्ट्रीय नागरिक नीति अपील

केंद्र सरकार एवं स्वास्थ्य मंत्रालय से राष्ट्रीय अपील

भारत सरकार, स्वास्थ्य मंत्रालय एवं सूचना प्रसारण मंत्रालय से एक सामूहिक नागरिक निवेदन कि सिनेमाघरों, डिजिटल मीडिया और समाचार पत्रों में CPR जागरूकता को अनिवार्य किया जाए।

अब तक इतने नागरिकों ने समर्थन किया1284

सिनेमाघरों में अनिवार्य जागरूकता क्लिप

देश के सभी सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले 60-सेकंड की CPR जागरूकता क्लिप दिखाना अनिवार्य किया जाए।

यूट्यूब एवं डिजिटल मीडिया में प्रमोशन

यूट्यूब, सोशल मीडिया और OTT प्लेटफॉर्म्स पर जनहित में CPR जागरूकता वीडियो क्लिप्स को प्रमोट किया जाए।

समाचार पत्रों में जागरूकता गाइड

राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय अखबारों में समय-समय पर 3-स्टेप CPR इन्फोग्राफिक्स और गाइडलाइन्स प्रकाशित की जाएं।

इस राष्ट्रीय नागरिक अपील का समर्थन करें

हैंड्स-ओनली सीपीआर गाइड

3 आसान कदम, किसी की जान बचाएँ

क्लीनिकल चेतावनी: असामान्य सांस (Agonal Breathing) को सामान्य न समझें

कार्डियक अरेस्ट के पहले 2-3 मिनट में 40% पीड़ित अजीब सी खर्राटों या हांफने (Gasping) जैसी सांस लेते हैं। इसे सामान्य सांस समझकर रुकें नहीं—यह दिल रुकने का गंभीर संकेत है, तुरंत CPR शुरू करें।

1. पहचानें और कॉल करें

कंधे थपथपाकर पूछें। यदि कोई प्रतिक्रिया नहीं है, तो तुरंत 108 या 112 पर कॉल करें।

पास में AED मशीन हो तो तुरंत मंगवाएं

2. हाथ सही जगह रखें

व्यक्ति को सख्त सतह पर लिटाएं। एक हाथ की हथेली छाती के बीच में रखें, दूसरा हाथ उसके ऊपर लॉक करें।

सख्त फर्श पर लिटाएं, कोहनियां सीधी रखें

3. जोर से और तेज दबाएं

100-120 बीपीएम की गति से छाती को 5-6 सेमी गहरा दबाएं। एम्बुलेंस आने तक रुकें नहीं।

✓ Chest Recoil: हर दबाव के बाद छाती पूरी ऊपर आने दें
थकावट से बचने के लिए हर 2 मिनट में साथी से स्विच करें

Good Samaritan Law (सुप्रीम कोर्ट दिशा-निर्देश): 100% कानूनी सुरक्षा

भारत के कानून के अनुसार, किसी आपातकालीन स्थिति में पीड़ित की जान बचाने वाले नागरिक (Good Samaritan) पर कोई पुलिस पूछताछ, अस्पताल का खर्च या कानूनी दायित्व नहीं होता। बिना किसी डर के तुरंत मदद करें।

110 BPM कम्प्रेशन रिदम

ऑडियो बीट, विजुअल पल्स और वाइब्रेशन के साथ CPR सीखें

100–120 कम्प्रेशन प्रति मिनट का मेडिकल मानक है। 110 BPM धड़कन की ऑडियो बीट सुनें, रेड पल्स रिंग देखें और सही गति से चेस्ट कम्प्रेशन का अभ्यास करें।

100–120Recommended Compressions/Min
5–6 cmChest Compression Depth
110 BPMSynchronized CPR Beat
इंटरएक्टिव स्पीड ट्रेनर

खुद Tap करके सही CPR रफ्तार की प्रैक्टिस करें

स्क्रीन पर दिए बटन को एक निश्चित ताल में दबाएं और देखें कि क्या आपकी स्पीड 100-120 BPM की सही रेंज में है।

आपकी स्पीड---
लक्ष्य: 100 - 120 बीट/मिनटTaps: 0
अपनी रफ्तार जांचने के लिए एक लय में बटन दबाना शुरू करें
मुफ्त डाउनलोड व शेयरिंग रिसोर्स

3-स्टेप CPR डिजिटल गाइड एवं पोस्टर

इसे अपने फोन में सेव करें, हाउसिंग सोसाइटी/ऑफिस नोटिस बोर्ड पर लगाएं, और व्हाट्सएप पर शेयर करें।

रियल लाइफ सक्सेस स्टोरीज

आम नागरिक जिन्होंने CPR देकर बचाई अपनों की जान

पढ़िए कैसे साधारण नागरिकों ने बिना डरे सही समय पर Hands-Only CPR देकर अपने दोस्तों, परिजनों और अजनबियों को नया जीवन दिया।

Bystander Hero

"A customer collapsed in my shop due to sudden cardiac arrest. Having seen a CPR demonstration video, I immediately started chest compressions for 4 minutes until the ambulance arrived. Doctors confirmed that early CPR saved his brain and life!"

Ramesh Kulkarni

Shop Owner, Amravati
Saved a 52-year-old neighbor
Certified Lifesaver

"My uncle suddenly lost consciousness during a family gathering. Everyone panicked, but I recalled the 110 BPM rhythm from Mission Dhadkan and gave continuous compressions. He revived in the ICU next morning."

Priya Sharma

IT Professional, Pune
Family cardiac emergency survivor
First Responder

"A young guy collapsed after a workout session. I immediately checked for breathing and administered Hands-Only CPR without wasting a second. Early bystander intervention prevented fatal oxygen loss."

Amitabh Verma

Gym Instructor, Nagpur
Saved a 24-year-old gym member
ऑफ़लाइन ट्रेनिंग सर्च

अपने राज्य और शहर का CPR ट्रेनिंग सेंटर खोजें

अपना राज्य और शहर चुनें। आपको वहाँ के रेड क्रॉस सेंटर, मेडिकल कॉलेज और अधिकृत CPR ट्रेनिंग वेन्यू की जानकारी मिल जाएगी।

Amravati, MaharashtraDistrict Training Headquarter

Indian Red Cross Society — Amravati District Branch

Near District Hospital, Irwin Square, Amravati

+91 721 2662233

Every Saturday (10 AM - 1 PM)

Call Venue Direct
Amravati, MaharashtraMedical Institute & CPR Cell

Dr. PDMC Medical College & Civil Hospital

Shivaji Nagar, Amravati

+91 721 2552300

First Sunday of Every Month

Call Venue Direct

Want a dedicated CPR training session at your housing society, office, or college?

अपनी सोसाइटी / कॉलेज में वर्कशॉप का निवेदन करें
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अपने शहर में "धड़कन एम्बेस्डर" बनें

हम भारत के हर शहर, सोसाइटी, कॉलेज और दफ्तर में प्रशिक्षित वॉलंटियर्स का एक मजबूत नेटवर्क बना रहे हैं।

50+ शहरों में एक्टिव10,000+ एक्टिव वॉलंटियर्स
राष्ट्रीय शपथ लें

एक जागरूक "CPR रेडी नागरिक" बनें

हजारों भारतीयों के साथ जुड़ें जिन्होंने आपातकालीन स्थिति में बिना डरे आगे बढ़कर जान बचाने का संकल्प लिया है।

अपनी सोसाइटी / कॉलेज में खुद CPR ड्राइव आयोजित करें (Self-Serve Kit)

निःशुल्क एचडी फ्लेक्स बैनर डिजाइन, 15-मिनट प्रेजेंटेशन और वीडियो गाइड डाउनलोड करें। बिना किसी पर निर्भर रहे अपनी सोसाइटी या ऑफिस में स्वयं जागरूकता अभियान चलाएं।

सेल्फ-ड्राइव CPR किट डाउनलोड करें (Free Kit)

क्या आपने या आपके किसी परिचित ने CPR से किसी की जान बचाई है?

अपनी रियल-लाइफ स्टोरी शेयर करें और देश के लाखों लोगों को हीरो बनने की प्रेरणा दें।

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मिशन धड़कन अभियान को और बेहतर बनाने के लिए आपके विचार एवं सुझाव हमारे लिए अत्यंत मूल्यवान हैं।

आधिकारिक ईमेल संपर्क:contact@missiondhadkan.in
अमरावती, महाराष्ट्र एवं अखिल भारतीय संचालन

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संस्थापक का दृष्टिकोण

"अगर इस मिशन से कुछ जाने भी बच जाएँ, तो मेरा जीवन सफल है।"

भारत में हर साल कार्डियक अरेस्ट से होने वाली मौतें10 लाख से अधिक
हर धड़कन अनमोल है

भारत में हर साल 10 लाख से भी ज्यादा लोग अचानक कार्डियक अरेस्ट की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं। इनमें से ज्यादातर घटनाएं अपनों के सामने या सार्वजनिक स्थानों पर आसपास के लोगों के बीच होती हैं।

उस मुश्किल वक्त में, किसी मेडिकल टीम के पहुँचने से पहले अपनों या अनजान लोगों की तुरंत मदद के लिए आगे बढ़ना ही असली 'लाइफ सेवर' साबित हो सकता है। मिशन धड़कन की शुरुआत इसी सोच के साथ हुई है कि जब आम नागरिकों को CPR का सही तरीका मालूम होगा, तो डर हिम्मत में बदल जाएगा। अगर इस प्रयास से हम कुछ जाने भी बचा पाए, तो मैं मानूंगा कि मेरा जीवन सफल हो गया।

विनोद शर्मा

संस्थापक — मिशन धड़कन, भारत

National Lifesaver Initiative